परगट हनुमानजी मन्नत मंदिर एवं देवस्थानम्

कलयुग का चमत्कार

धरती फाड़कर हनुमान जी प्रकट हुए

11 जुलाई 2019 की बात है। शाम के 5 बजे थे। इसी स्थान पर कुछ मजदूर काम कर रहे थे। मानसून की बारिश होने वाली थी। अत: यहां पेड़ लगाने के लिए गड्ढे खोदे जा रहे थे तथा खेत को बोने की तैयार चल रही थी। अचानक एक मजदूर के फावड़े से पत्थर के कराने की आवाज आई। पत्थर समझ कर जब वह इसे निकाल रहा था उसे मूर्ति का सिर नजर आया। उसने अन्य मजदूरों को आवाज दी, तब पता चला कि यह हनुमानजी का चेहरा है। इसके बाद मूर्ति की सूचना स्थानीय समाजसेवी एवं कृषक काकू भैया (देवांश शर्मा) को दी गई। उन्ही के संरक्षण मे उत्खनन का कार्य चला। तब तक यह खबर जंगल मे आग की तरह फैल चुकी थी।

इसके बाद लोगो के आने का तांता लग गया। पूरी रात खुदाई चलती रही। पुलिस के सैकड़ो जवानों ने डेरा डाल दिया। अखबार  व टीवी चैनलो ने घटना का विवरण दिया। तदुपरान्त हनुमानजी की विधिवत पूजा आरम्भ हुई। पुरातत्व विभाग के अनुसार मूर्ति लगभग 2 से 3 हज़ार साल पुरानी प्रतीत होती है।  प्राचीन भारत में भोपाल का यह क्षेत्र जहा मूर्ति प्रकट हुई है, सिल्क रूट या रेशम मार्ग पर स्थित था। रेशम मार्ग (SILK ROUT) चीन की राजधानी बीजिंग से चल कर पेशावर, लाहौर होता हुआ काशी,विदिशा व उज्जैन तक जाता था।

आध्यात्मिक गुरु व सन्त मन्नत बाबा ने यहाँ मन्दिर बनाने की घोषणा की है।  

मन्दिर का निर्माण आरंभ हो चुका है। जो महानुभाव व भक्त मन्दिर निर्माण में सहयोग करना चाहें, दान दे सकते हैं। मन्दिर प्रबंधन से सम्पर्क करें।

"परगट हनुमानजी "
मूर्ति का वर्तमान स्वरूप

प्रगट होने के बाद भक्तों का दर्शन के लिए आगमन हो रहा है ।यह स्थान भोपाल-विदिशा  मार्ग पर भोपाल में “सूखी सेवनिया” में  है। नया मंदिर बनाया जा रहा है,जिसका नामपरगट हनुमानजी मन्नत मंदिर रखा गया है। लोगों की मनोकामनाएं, मन्नतें पूरी हो रही है। मानसिक रोगी  दर्शन कर रहे हैं । पागल सुधर  रहे हैं। शराबी शराब छोड़ रहे हैं।

भोपाल के दक्षिण मुखी हनुमान जी

।। परगट हनुमानजी मन्नत मंदिर एवं देवस्थानम्।।

सूखी सेवनिया (भोपाल-विदिशा मार्ग) भोपाल

मंदिर जाने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें……….
https://goo.gl/maps/6DDJnhjj24HyyszY8